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तल्लादेश महापंचायत के अध्यक्ष ने किया महापंचायत से इंकार

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चंपावत। जिले के सीमांत तल्लादेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर उपेक्षा के आरोपों को लेकर 25 जनवरी को प्रस्तावित महापंचायत का आयोजन खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। इन दिनों जहां सोशल मीडिया में तल्लादेश महापंचायत को लेकर समर्थक और विरोधियों में बहस छिड़ी हुई है, वहीं पूर्व से गठित तल्लादेश महापंचायत के अध्यक्ष ने किसी प्रस्तावित महापंचायत से ही इंकार कर दिया है।

शुक्रवार को हुई तल्लादेश महापंचायत की अध्यक्ष दलीप सिंह महर की अध्यक्षता और महामंत्री रघुवर सिंह के संचालन में हुई बैठक में तल्लादेश क्षेत्र में संचालित किए जा रहे विकास कार्यों को लेकर विचार विमर्श किया गया। जिसमें अधिकांश ग्रामीण जनप्रतिनिधि विधायक कैलाश गहतोड़ी के पक्ष में लामबंद नजर आए। ग्रामीणों ने बीते नौ माह के कार्यकाल में क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उनका कहना था कि महापंचायत के नाम पर कुछ लोग ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों को समय आने पर सबक सिखाया जाएगा।
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अध्यक्ष ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व सीमांत क्षेत्र में विकास की राह को बाधित करना चाहते हैं। बैठक में महेश पुनेठा, मोहन जोशी, जमन सिंह, कैलाश बोहरा, बची सिंह भगत, अमर सिंह, बचन सिंह अधिकारी, पान सिंह, ईश्वरी दत्त, उमेश पांडेय, संजू भट्ट, प्रकाश जोशी, मदन सिंह, भूपेंद्र सिंह, संजय रावत, कमल रावत, कैलाश बोहरा, राजेंद्र सिंह, गौरव सिंह आदि ग्रामीणों ने विचार रखे।
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इससे पहले भी दो बार हो चुकी है महापंचायत
सीमांत तल्लादेश की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर इससे पूर्व भी तल्लादेश महापंचायत के बैनर तले दो बार महापंचायत हो चुकी है। वर्ष 2013 में जहां सिमियाउरी न्याय पंचायत मुख्यालय में पहली महापंचायत आयोजित की गई। इसके बाद वर्ष 2014 में चंपावत जिला मुख्यालय में तल्लादेश महापंचायत का आयोजन किया जा चुका है। लेकिन इन दोनों ही महापंचायतों के बाद भी सीमांत क्षेत्र की हालात में किसी किस्म का बदलाव नहीं आया है।
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