पहाड़ के गंभीर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए मांडेक्स हैंडपंपों का सहारा लिया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यपाल केके पॉल ने पेयजल संकट, दावाग्नि और सूखे की समीक्षा की। वीडियो कांफ्रेंसिंग में पेयजल सचिव ने बताया कि जिले के पहाड़ी इलाकों में 8 मांडेक्स हैंडपंपों को मंजूरी दी गई है। अति संकटग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों और अन्य वाहनों से पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि चंपावत और लोहाघाट में पेयजल किल्लत वाले स्थानों में चार-चार हैंडपंप लगाए जाएंगे। पानी की कमी वाले स्थानों में टैंकरों और दूसरे वाहनों से पानी पहुंचाया जा रहा है। वाहनों से पेयजल आपूर्ति का सत्यापन एसडीएम और वार्ड सदस्यों द्वारा किया जाएगा। 3 विभागीय टैंकरों के अलावा 9 पिकप वाहनों के माध्यम से पेयजल की सप्लाई कराई जा रही है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती ने बताया कि पेयजल लाइनों के सभी लीकेज ठीक कर लिए गए हैं।
जिले में करीब 35 प्रतिशत सूखे की रिपोर्ट शासन को भेजा जा चुका है। दुबारा सर्वे को पूरा कर रिपोर्ट शासन को सोमवार तक भेज दी जाएगी। वीसी में सीडीओ हरगोविंद भट्ट, डीएफओ एके गुप्ता, मुख्य कृषि अधिकारी आरएल चंद्रवाल, जिला कार्यालय की प्रभारी अधिकारी सीमा विश्वकर्मा, डीडीओ विवेक उपाध्याय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय आदि मौजूद थे।