चंपावत। भारत सरकार की आयुष्मान योजना के अंतर्गत चंपावत जिले में पहली बार मरीजों का इलाज हुआ। जिला अस्पताल में योजना में शामिल निर्धन वर्ग के दो मरीजों का उपचार डॉ.अजय कुमार ने किया। इलाज के बाद इन मरीजों को मंगलवार को डिस्चार्ज किया गया। अब तक चंपावत जिले में 502 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। मगर जिले में पहली बार दो मरीजों का उपचार हुआ।
प्रदेश के अन्य जिलों की तरह चंपावत में 23 सितंबर को आयुष्मान योजना का शुभारंभ हुआ। चंपावत जिले में कुल 9829 (8395 ग्रामीण और 1434 शहरी) परिवार आयुष्मान योजना के बीमा के लाभ के दायरे में आते हैं। चयनित प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये तक का सालाना स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। इसके लिए जिले में आयुष्मान योजना के तहत तीन सरकारी अस्पताल (चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और टनकपुर संयुक्त अस्पताल) अधिकृत हैं।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत पहली बार जिला अस्पताल में दो मरीजों का इलाज हुआ। चंपावत के पुनेठी की दीपा देवी (34) पत्नी रघुवर राम को किडनी की दिक्कत थी, जबकि पाटी के चौड़ाकोट की हरूली देवी (52) पत्नी सुरेश राम को पथरी थी। आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक मनोज पांडेय ने बताया कि चार दिन तक इलाज के बाद दोनों मरीजों को मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। जरूरत होने पर एक माह बाद हरूली देवी का एक माह बाद ऑपरेशन किया जाएगा।