चंपावत। उरेडा विभाग में सोलर प्लांट लगाने के लिए जिले में 107 लाभार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 97 लोगों के घरों में सोलर प्लांट लग चुके हैं, जबकि दस लाभार्थियों ने सोलर प्लांट लगाने से मना कर दिया है।
सोलर प्लांट लगाने के लिए उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से 90 फीसदी सब्सिडी दी जाती थी। इसमें से लाभार्थियों को 10 फीसदी ही धनराशि देने पड़ती थी। जिन उपभोक्ताओं ने अपने घरों में चार किलोवॉट के सोलर प्लांट स्थापित किए है, उन उपभोक्ताओं ने बिजली बेचने के लिए ऊर्जा निगम से समझौता किया हुआ है। चार किलोवॉट के सोलर प्लांट लगाने में लगभग 3.30 लाख रुपये का खर्च आता है। लेकिन वर्तमान में केंद्र सरकार की ओर से सोलर प्लांट में दी जाने वाली सब्सिडी की सुविधा को समाप्त कर दिया गया है।
उधर, चंपावत उरेडा परियोजना के जेई मनोहर जंगपांगी का कहना कि जिले में चार किलोवॉट के 107 सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा था। इसमें 97 लाभार्थियों ने ही सोलर प्लांट लगाए हैं। वर्तमान में सब्सिडी नहीं मिलने से प्लांट लगाने की प्रक्रिया को बंद कर दिया है। अलौत्ता लोगों की प्लांट लगाने की मांग विभाग में आ रही है।