टनकपुर (चंपावत)। शारदा नदी से खनन निकासी के लिए वन विभाग द्वारा किया जा रहा खनन क्षेत्र का सीमांकन तेजी से चल रहा है। डाउन स्ट्रीम खनन क्षेत्र का सीमांकन अंतिम चरण में है। इसके बाद अप स्ट्रीम खनन क्षेत्र का सीमांकन कर सीमा स्तंभों के निर्माण का कार्य शुरू होगा। सीमांकन पूरा किए बगैर नदी से खनन संभव नहीं है। ऐसे में दिसंबर के पहले सप्ताह में खनन खुलने की संभावना कम है।
वन विभाग, राजस्व एवं सिंचाई विभाग की टीम ने 14 नवंबर से शारदा के डाउन स्ट्रीम में खनन क्षेत्र के सीमांकन का कार्य शुरू किया है। वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि अप एवं डाउन स्ट्रीम के खनन क्षेत्र का सीमांकन कर 250 पिलर लगाए जाने हैं। डाउन स्ट्रीम में 167 पिलर लगाने का कार्य रविवार को पूरा हो जाएगा।
इसके बाद 83 पिलरों का निर्माण कर अप स्ट्रीम का सीमांकन किया जाना है। उनकी मानें तो दिसंबर पहले सप्ताह में सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इधर, वन निगम की खनन इकाई के खनन प्रभारी हरीश पाल के मुताबिक उनका विभाग खनन निकासी के लिए पूरी तरह तैयार है। अप और डाउन स्ट्रीम के तौल कांटे दुरुस्त कर लिए गए हैं। सीमांकन पूरा होते ही खनन शुरू करा दिया जाएगा।