चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बारहमासी सड़क पर खतरे की जद में आ रहे तीन पेड़ बृहस्पतिवार को खुद-ब-खुद गिर गए। इसके चलते सुबह 5:50 बजे से करीब डेढ़ घंटे तक तिलौन के पास आवाजाही प्रभावित रही। इस दौरान जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर तिलौन के पास खतरे की जद में आने वाले 22 पेड़ों को बृहस्पतिवार को नहीं काटा जा सका।
बारहमासी सड़क में चंपावत-लोहाघाट के बीच में तिलौन के पास देवदार के 30 पेड़ बेहद खतरनाक हाल में हैं। आठ पेड़ बुधवार को काटे गए। शेष पेड़ इस सप्ताह काटे जाने हैं मगर वन निगम की टीम के नहीं पहुंचने से पेड़ नहीं काटे जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता एनसी पांडेय का कहना है कि इन पेड़ों को जल्द कटवा लिया जाएगा। वहीं बाराकोट के गुमौद में बारहमासी सड़क की कटिंग से आए मलबे से करीब सात बजे से आठ बजे तक आवाजाही प्रभावित हुई।
मकानों के खतरे की जद में आने पर प्रदर्शन
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट के सिंगदा के बागधारा के पास बारहमासी सड़क कटिंग के बाद सड़क के ऊपर की भूमि में दरारें आने से छह मकान खतरे की जद में आ गए हैं। भूमि में दरार आने से लोगों में दहशत फैल गई है। ग्राम प्रधान चंद्रा देवी, राम सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन और एनएच पर बचाव के उपाय नहीं करने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि भूस्खलन से होने वाले नुकसान के लिए प्रशासन, एनएच जिम्मेदार रहेगा। इसे लेकर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।
गहरी दरारें आने से शंकर लाल, सोनी देवी, भागीरथी देवी, दान सिंह, कृष्ण सिंह, गोपाल सिंह के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। यहां की जमीन काफी धंस रही है। प्रदर्शन करने वालों में दान सिंह, चंचल सिंह, कुंडल सिंह, गोपाल सिंह, हरक सिंह, कृष्ण सिंह, माया देवी, मीना देवी, शंकर राम, भागीरथी देवी शामिल थें।
पहली बारिश में ही कीचड़ से पटी पाटी की सड़क
पाटी (चंपावत)। पाटी में बुधवार को हुई सात एमएम बारिश से बाजार की सड़कों पर कई जगह पानी भर गया है। पहली ही बारिश में सड़क कीचड़ से भर गई। कीचड़ के चलते वाहनों के रपटने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने इस मिट्ठी को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। एक रात की बारिश से ही मष्टा मंदिर के पास सड़क पानी से लबालब भर गई, जिससे वाहनों के साथ ही पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इसी प्रकार न्यू कॉलोनी में विद्या मंदिर के पास भी रोड में पानी का तालाब बना हुआ हैं।
स्कूल के पास करीब 50 मीटर सड़क दिखाई ही नहीं दे रही है। पानी, कीचड़ से पटने से लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो रहा है। गिरने की डर से लोग दुपहिया वाहन को पैदल ही ले जा रहे हैं। नालियां नहीं होने से सड़क पर भारी मात्रा में कीचड़ इकट्ठा हो गया। भुवन जोशी, दीपक भट्ट, प्रवीण पाटनी, संतोष, हरीश, शेखर आदि ने प्रशासन से सड़क में एकत्र कीचड़ को तुरंत हटाने की मांग की है।