चंपावत। जिले में पेयजल संकट बरकरार है। कई इलाकों के लोग पेयजल के लिए तरस रहे हैं। जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पंचायत चौड़ाराजपुरा के ढोलंगा तोक में महिलाएं रात को नौलों से पानी भर रही हैं। जिससे इनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। आलम यह है कि यहां महिलाएं आधी रात को लालटेन के सहारे पानी भरने को मजबूर हैं।
ग्राम प्रधान अनीता देवी और गोपाल सिंह ने बताया कि चौड़ाराजपुरा ग्राम पंचायत की बड़ी आबादी की प्यास बुझाने के लिए दो दशक पूर्व पेयजल योजना बनाई गई थी। बीते कुछ वर्षों से ग्राम पंचायत के ढोलंगा तोक में गर्मियों में पेयजल किल्लत होने लगी है। क्षेत्र के 32 परिवार पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। पेयजल लाइन में पानी नहीं आ रहा है। जिस वजह से यहां के लोग पूरी तरह से एकमात्र नौले पर निर्भर हो गए हैं। अब इस नौले में पानी कम होता जा रहा है। महिलाओं को रात के अंधेरे में पानी भरना मजबूरी बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में विभाग को कई बार सूचना दी गई लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका।
ढोलगा तोक की लक्ष्मी देवी, अनीता देवी, ममता देवी, नीलावती, तुलसी देवी और चंचला देवी का कहना है कि नौले का पानी दिन में खत्म हो जा रहा है। जिस कारण आधी रात तक पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। रात में जंगली जानवरों का खतरा अलग से बना हुआ है। उधर जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता किशोर पंत का कहना है कि दुधारी स्रोत में पानी की गिरावट आने से दिक्कत हो रही है। जिस वजह से ढोलंगा तोक में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
कई इलाकों में एक दिन छोड़ कर हो रही आपूर्ति
चंपावत। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा नगरीय हिस्से में भी पेयजल किल्लत बनी हुई है। तल्लीहाट, मल्लीहाट, भैरवा, मोटरस्टेशन, जीआईसी रोड, कनलगांव, गोरलचौड़ रोड आदि क्षेत्रों में एक दिन छोड़ कर पानी दिया जा रहा है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता किशोर पंत ने बताया कि पेयजल समस्या को देखते हुए अप्रैल से टैंकर और पिकअप के जरिए पानी का वितरण किया जाएगा।