चंपावत जिला मुख्यालय के ग्राम पंचायत कोट अमोड़ी में आज भी ग्रामीणों का गांव तक सड़क देखने का सपना पूरा नहीं हो पाया है। सड़क न होने से लगातार गांव से पलायन हो रहा है। ग्रामीणों को पांच किमी खड़ी चढ़ाई पार गांव पहुंचना पड़ता है। गांव से 300 परिवारों ने बाहरी क्षेत्रों को पलायन कर लिया है। गांव में अब 100 परिवार ही बचे हैं। जबकि पहले 400 परिवार रहा करते थे।
जिला मुख्यालय से 33 किमी दूर कोट अमोड़ी गांव की दो हजार से अधिक आबादी को सड़क न होने का दंश झेलना पड़ रहा है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग करते आ रहे हैं। सड़क नहीं होने से बड़ी आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा की मांग को लेकर हर किसी से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सड़क को लेकर इस बार लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था।
बीमारों को लाने में होती है दिक्कत
कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के लोगों बीमारों को डोली के सहारे लाते हैं। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को पांच किमी पैदल चलना पड़ता है। सड़क नहीं होने से लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है।
कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। सिविल भूमि नहीं मिल पा रही है। इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। सिविल भूमि मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- एमसी पलड़िया, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग।