बनबसा (चंपावत)। टीबी की बीमारी से जूझ रही एक निर्धन महिला का उपचार ग्रामीण महिलाओं की एकजुटता से संभव हो पाया। ग्रामीण महिलाओं ने गांव से ही चंदा इकट्ठा कर करीब 64000 की नकदी जमा कर मिसाल पेश की है।
बनबसा चंदफार्म निवासी नंदा देवी टीबी से जूझ रही थी। बीडीसी सदस्य पुष्कर कापड़ी की पत्नी यशोदा कापड़ी ने पांच हजार की नकदी देकर उसे भंवाली सैनेटोरियम भेजा किंतु वहां से उसे लौटा दिया गया। भेजीपुरा के डॉ. ललित सिंह ने महिला को भेजीपुरा स्थित राममूर्ती चिकित्सालय भेजने ले जाने की सलाह दी। इलाज के लिए बीडीसी सदस्य की पत्नी ने साथ की महिलाओं आशा, मंजू चंद, पुष्पा रावत, जानकी कापड़ी, आशा कापड़ी, नीलू दिगारी, हेमा खड़ायत, हंसा चंद, माया चंद, जानकी कलौनी गोविंदी बोरा आदि को साथ लेकर महिला के उपचार को गांव से 64350 रुपये का चंदा एकत्र कर बीडीसी सदस्य को सौंप दिया।
इसमें डॉ. ललित सिंह ने भी सहयोग दिया। आखिर लोगों के सहयोग और उपचार के बाद महिला को 26 दिनों बाद स्वस्थ होने पर घर वापस भेज दिया गया। बता दें कि बीमार महिला एक स्कूल में सफाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण करती है। स्कूल स्वामी सुंदर सिंह खोलिया ने भी महिला को साढ़े ग्यारह हजार, ग्रामीण जावेद खान ने पांच हजार, मझगांव वासियों ने सात हजार दो सौ की नकदी महिला के उपचार को दी।