चंपावत। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से जिले की खेती को बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। कृषि विभाग की मानें, तो जिले में बमुश्किल 15 से 20 प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट को कृषि निदेशक को भेज दिया है।
जिले में करीब 8000 हेक्टेयर एरिया में गेहूं की फसल की बुवाई होती है। मुख्य कृषि अधिकारी एस कुमार ने बताया कि अधिक बारिश, ओलावृष्टि से जिले में करीब 887 हेक्टेयर गेहूं की फसल को 21.15 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान चंपावत विकासखंड के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में हुआ है। यहां खेतों में कटी फसल को अधिक नुकसान हुआ है। विभाग का कहना है कि राजस्व विभाग के सर्वे की रिपोर्ट और कृषि निदेशालय से मिले दिशा-निर्देश के बाद ही किसानों को मिलने वाले मुआवजे की स्थिति साफ हो सकेगी।
फल, साक-भाजी को 10 प्रतिशत का नुकसान
ओलावृष्टि से जिले की बागवानी को करीब 10 प्रतिशत का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या का कहना है कि फूल गिरने से आम, लीची, माल्टा, संतरा को करीब 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक के नुकसान का अंदाजा है। जबकि आलू, टमाटर, बैगन व मिर्च को करीब आठ प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। नुकसान की ज्यादातर मार टनकपुर, बनबसा, लोहाघाट, खेतीखान, स्वांला, अमोड़ी आदि इलाकों में पड़ी है।