चंपावत।
जिला मुख्यालय के अधिकांश निजी स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं है। अधिकतर स्कूलों में चहारदीवारी नहीं है। कमोबेश यही हाल सुरक्षा गार्ड को लेकर भी है। अलबत्ता स्कूलों में सीसीटीवी जरूर लगे हैं। जिला मुख्यालय में 16 प्राइवेट स्कूल संचालित हैं। आधे से अधिक स्कूलों में बच्चों को लाने, ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था है। उदयन इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य विपिन पांडेय का कहना है कि स्कूल बस के चालक, हेल्पर का संपर्क सिर्फ कार्यालय तक ही होता है। उनका कहना है कि कि विद्यालय में सुरक्षा के नजरिए से 27 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था स्कूल में की गई है। किसी भी स्कूल में सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं है। अलबत्ता कुछ स्कूलों में अभिभावकों या अन्य व्यक्ति के स्कूल में प्रवेश करने पर रजिस्टर में नामांकन कराना जरूरी है। मल्लिकार्जुन स्कूल के संजय मुरारी का कहना है कि विद्यालय में आने वाले अभिभावक, अन्य व्यक्ति के आने का प्रयोजन और मौजूद रहने का समय रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। स्कूल में चहारदीवारी और 32 सीसीटीवी लगाए गए हैं।
इंसेट
जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने को पहले ही निर्देशित किया गया है। किसी भी विद्यालय में सुरक्षा के नजरिए से चहारदीवारी, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा गार्ड होना जरूरी है। कई बार स्कूलों का मौका मुआयना किया जाता है। अगस्त माह में मुआयना कर सभी प्राइवेट स्कूलों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षा अधिकारी।
विद्यालयों के गेट में ताला जड़कर हो रही है सुरक्षा
लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के निजी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के कोई खास बंदोबस्त नहीं हैं। निजी विद्यालयों में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं है। अधिकांश विद्यालयों में सीसीटीवी भी नहीं लगे हैं। हालांकि विद्यालयों द्वारा अपने विद्यालय परिसर में चहारदीवारी का निर्माण कर उसमें गेट लगाए हैं। बच्चों के स्कूल आने के बाद से अवकाश के समय तक विद्यालयों के गेट में ताले लगा दिए जाते हैं। इससे कोई भी बच्चा विद्यालय परिसर से बाहर नहीं जा सके। लेकिन विद्यालयों में सुरक्षा की दृष्टि से गार्ड की कोई व्यवस्था नहीं है। गुरुग्राम के रेयान में हुई बच्चे की हत्या के बाद अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन द्वारा फिलहाल विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यालय गेट में चौकीदार की तैनाती की गई हैं, जो छुट्टी के वक्त बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ भेजते हैं। विद्यालय में अपने बच्चों को लेने आने वाले अभिभावकों को ही बच्चों को सौंपा जाता है। इसके लिए बाकायदा बच्चे से लेने आने वाले व्यक्ति की पुष्टि के बाद ही छोड़ा जाता है।
विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या बंदोबस्त किए गए हैं, इसका जायजा लेने संबंधी जिला स्तर से कोई भी निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे ही निर्देश प्राप्त होंगे उसके बाद विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।
- आरसी गौतम, एसडीएम लोहाघाट।