चंपावत। सांसद और विधायक निधि से कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम एसएन पांडेय ने आरडब्ल्यूडी को पुनाबे में बनाए गए बहुउद्देश्यीय भवन, सिप्टी में बनाए गए प्रवेशद्वार, सीएनडीएस को मंच में बनाए गए पीएचसी भवन की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी व्यक्त की। उन्हें जल्द ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कई खंड विकास अधिकारियों, अभियंताओं को कार्यों की जानकारी न होने पर कड़ी फटकार लगाई और पूरी जानकारी के साथ बैठक में आने के निर्देश दिए।
जिला सभागार में डीएम ने कहा कि जिन योजनाओं में विभागों को शत प्रतिशत धनराशि उपलब्ध हुई है उन पुरानी योजनाओं को हर हाल में 15 सितंबर तक पूरा करें। तय समय में पूर्ण नहीं करने पर जिम्मेदारी तय करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सीडीओ एसएस बिष्ट ने बताया कि विधायक निधि से होने वाले कार्यों के प्रस्तावों मांगे गए हैं। प्रस्ताव प्राप्त होते ही कार्यों का आवंटन किया जाएगा।
डीएम ने सभी अधिकारियों को 15 फरवरी तक का लक्ष्य निर्धारित करने और पाटी के 35 ग्राम पंचायतों को कूड़ा निस्तारण की धनराशि से किए गए कार्यों की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए। डीआरडीए पीडी एचजी भट्ट ने बताया कि सांसद निधि के तहत वर्ष 2016-17 के सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं, 2017-18 में 64 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है। बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एनबी बचखेती, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी आदि अधिकारी मौजूद थे।
लघु सिंचाई विभाग के अभियंता का स्पष्टीकरण तलब
चंपावत। डीएम एसएन पांडेय ने बैठक में लघु सिंचाई के अभियंता के उपस्थित न रहने पर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और बीडीओ को चेतावनी देते कहा कि कार्यों का लगातार निरीक्षण करें और खराब गुणवत्ता, ढ़िलाई पर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए वसूली के लिए आरसी जारी करें।