टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग के जंगल से लगे गांवों में हाथियों का झुंड आफत बरसा रहा है। फसल और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हाथी अब भगाने की कोशिश करने पर हमला करने को पीछे भी दौड़ रहे हैं। सोमवार रात हाथियों के झुंड ने ककरालीगेट एवं थ्वालखेड़ा में पेड़-पौधे और फसलों को रौंद कर नष्ट किया। साथ ही एक मकान की चहारदीवारी और सीढ़ी तोड़ दी।
एक सप्ताह से लगातार गांवों में घुस रहा ये झुंड सोमवार को ककरालीगेट एवं नायकगोठ गांव में पहुंचा। ककरालीगेट में जहां जगदीश सिंह बिष्ट के मकान की चहारदीवारी तोड़ने के साथ ही केले के पेड़ों को तहस-नहस किया, वहीं नायकगोठ में राजेंद्र भंडारी के मकान के पक्की सीढ़ी, खीमानंद पांडेय की चरी, आम के पेड़ों के साथ बहादुर सिंह, राजू मोर्या के फलदार पेड़ों और सब्जी की फसल को खासा नुकसान पहुंचाया है।
वन कर्मियों की दो गश्ती टीम गठित
हाथियों की गांवों में दस्तक रोकने को अब वन विभाग ने दो गश्ती टीमों का गठन किया है। जो रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक जंगल और गांवों की सीमा पर नियमित रूप से गश्त करेगी। वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि वन डिप्टी रेंजर कैलाश गुणवंत एवं वन दरोगा मुनीष राणा के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने हाथी एवं अन्य वन्यजीवों के गांव में आने पर 9761109693, 9756674880, 9690449690 मोबाइल नंबर भी सूचना देने को कहा है।