चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में यहां से करीब 22 किमी दूर स्वांला क्षेत्र के खतरे वाले इलाके में पुलिस का सतर्कता अभियान जारी है। रविवार को चंपावत कोतवाली के दरोगा राजेंद्र डांगी, यातायात उप निरीक्षक ज्योति प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वाहन चालकों को खतरे वाले स्थान, संकरी जगह में सुरक्षित आवाजाही के तरीके बताए।
उल्लेखनीय है कि स्वांला मंदिर के पास सात फरवरी को एक जीप के गहरी खाई में गिरने से सभी दस यात्रियों की मौत हो गई थी। टीम में सिपाही कृष्ण सिंह, पवन नाथ, मनोज पंत, राहुल राणा शामिल थे।
इस हफ्ते चिह्नित होंगे खतरे वाले क्षेत्र
राष्ट्रीय राजमार्ग में वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम खतरे वाले क्षेत्रों को सोमवार से चिह्नित करेगी। बीते पांच वर्ष में दुर्घटना स्थलों का चयन कर सेफ जोन बनाया जाएगा। इसके लिए बकायदा एक टीम गठित की गई है। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र सिंह गुंज्याल का कहना है कि वर्तमान में बारहमासी सड़क के काम के चलते भी कई जगहों पर खतरा बना हुआ है।
बारहमासी सड़क निर्माण पूरा होने तक घटनाओं की रोकथाम के लिए के लिए गठित टीम स्थानों का चयन कर सुरक्षा के उपाय सुझाएगी। इसमें एनएच में पैराफीट की जरूरत, क्रश बैरियर की स्थिति और पाला क्षेत्रों को चिह्नित करने सहित अन्य कदम उठाए जाएंगे।