चंपावत। पाटी ब्लाक के खरही मे श्रीकृष्ण लीला का मंचन जारी है। बृहस्पतिवार को दिखाई गई लीला में गोपियां अपने अराध्य देव श्री कृष्ण को वर के रुप में प्राप्त करने के लिए गंगा तट पर मां कात्यायनी की पूजा करती हैं। इसके बाद स्नान करने पनघट में जाती हैं, यमुना में नग्न अवस्था मे स्नान करती हैं। लेकिन श्रीकृष्ण उनके कपड़े लेकर कदंब के पेड़ मे चढ़ जाते हैं।
गोपियों के क्षमा याचना करने पर श्रीकृष्ण उनके वस्त्र लौटा देते हैं। गोपियां मुरली को सौतन मानकर उसे चुराने की योजना बनाती है और आंखों में पट्टी बांधकर आंख मिचौनी खेल के दौरान मुरली चुरा लेती है। बहुत खिसियाने पर राधा मुरली लौटाती है। कृष्ण ब्राह्मणों की तपस्या पर विघ्न डालने वाले अरिष्ठासुर नाम के दैत्य का सुदर्शन चक्र से सिर काट देते हैं और ब्राह्मणों की रक्षा करते हैं। बसंत ऋतु का दृश्य देखकर श्रीकृष्ण भगवान मां यशोदा से कहते हैं कि हे मैय्या मेरे लिये रंग अबीर, पिचकारी, सफेद कुर्ता, टोपी और गमछा मंगा दे हम होली खेलने जांएगे। सारी व्यवस्था के बाद बृज मे होली गायन कर गोपियां ग्वाले सहित पूरा बृज होली के रंग में रंग जाता है श्रीकृष्ण का अभिनय सचिन, बलराम का नीरज, राधा का विनोद सिंह, नंद का जीवन, अरिष्टासुर का प्रवीण सिंह और ब्राह्मण का अभिनय जीवन शर्मा ने किया।