सात माह में 35 गुमशुदा को परिजनों के सुपुर्द किया
उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों से की गई सकुशल बरामदगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। पुलिस की ओर से जिले में इस वर्ष के सात माह में 36 गुमशुदा महिला और किशोरियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि जनवरी से जुलाई तक जिले से विभिन्न कारणों से घर से बिना बताए 17 पुरुष, 14 महिलाएं, तीन बालक और चार बालिकाएं गुमशुदा हो गए थे। पुलिस की ओर से उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, कलकत्ता तथा महाराष्ट आदि राज्यों से गुमशुदा महिला, युवतियों और किशोरों को सकुशल बरामद किया गया, जिनमें से अब तक 17 पुरुषोें में से एक पुरुष को जयपुर राजस्थान, 14 महिलाओं में से दो महिलाओं को मथुरा उत्तर प्रदेश, एक को ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड, एक को पंजाब, एक को नोएडा उत्तर प्रदेश और एक को पिथौरागढ़ से सकुशल बरामद किया गया। इसी प्रकार तीन बालकों में से एक को कलकत्ता, एक को दिल्ली तथा एक को टनकपुर और चार बालिकाओं में से एक को रत्नागिरि महाराष्ट्र, एक को काशीपुर, एक को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जबकि 14 पुरुष, सात महिलाऐं तथा एक बालिका स्वयं सकुशल घर वापस आई।
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मोबाइल एप से किया 1280 लोगों का सत्यापन
चंपावत। जिले की पुलिस की ओर से जुलाई में मोबाइल एप के माध्यम से 1280 बाहरी लोगों का सत्यापन किया गया। एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि जिले में निवास कर रहे बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध चलाए गए सत्यापन अभियान के तहत बनबसा थाने में 385, टनकपुर थाने में 505, चंपावत कोतवाली में 204, तामली थाने में सात तथा लोहाघाट थाने में 179 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। उन्होंने बताया कि सत्यापन अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। ब्यूरो