चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क की कटिंग का मलबा पहली ही बारिश में मझेड़ा गांव के लिए आफत बनकर आया है। मलबे की चपेट में आने से ग्रामीणों की करीब 15 नाली से अधिक कृषि भूमि रौखड़ में तब्दील हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में गांव के छोरों में डंपिंग जोन बनाने से इंकार किया था।
मलबा में डंपिंग जोन बनाने से इंकार किया था। लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। मलबा बीच गांव से बहने वाले नाले को पार कर खेतों से होते हुए लोगों के घरों में घुस गया है। खेतों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। ग्राम प्रधान नारायन दत्त भट्ट ने बताया कि गांव के सरपंच दुर्गा दत्त, बंशीधर भट्ट आदि ग्रामीणों की जमीन को काफी नुकसान पहुंचा है।