टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के प्रति लाखों लोगों की अटूट आस्था और विश्वास यूं ही नहीं है। देवी मां की चमत्कारी शक्ति ही भक्तों को अपनी ओर खींच लाती है। वर्तमान में भी ऐसे भक्त हैं, जिनका चमत्कारिक शक्ति से साक्षात्कार हुआ और मां पूर्णागिरि की शक्ति पर अटूट विश्वास कायम हो गया। देहरादून के डोईवाला निवासी एक सिख परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मन्नत पूरी होने के बाद वचन भूल गए। देवी ने शक्ति दिखाई तो वचन याद आते ही वे दर्शन के लिए दौड़े चले आए।
अपने दो साल को लेकर मां पूर्णागिरि के दर्शन को आए सरदार रंजीत सिंह ने बताया कि दो साल पहले उनकी मां ने मां पूर्णागिरि से पोते की मन्नत मांगी थी और वचन दिया था कि पोता होने पर उसे दर्शन अवश्य कराऊंगी। लेकिन मन्नत पूरी होने पर देवी मां को दिया वचन भूल गई। परिणाम स्वरूप पोते के सिर के बाल जटाओं में तब्दील होने लगे। जिस पर मन में देवी मां पूर्णागिरि का स्मरण कर पोते को दर्शन के लिए भेजने की बात कही तो कुछ ही दिन में जटाएं खुद ब खुद झड़ गई। देवी की इस चमत्कारी शक्ति का अहसास होने पर ही वे आज मां पूर्णागिरि दर्शन के लिए आए हैं।