लोहाघाट (चंपावत)। चंपावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों से लगे शमशान घाट रामेश्वर में जलौनी लकड़ी की कमी से शवदाह में दिक्कतें आ रही हैं। यहां के लकड़ी के टॉल में जलौनी लकड़ियों की कमी से लोग परेशान हैं। लोगों ने वन निगम से शीघ्र पर्याप्त मात्रा में जलौनी लकड़ी उपलब्ध कराने की मांग की है।
रामेश्वर घाट में रोजाना 10 से अधिक शव जलाए जाते हैं, लेकिन लकड़ियों के अभाव में लोगों को शवदाह में दिक्कत झेलनी पड़ती है। लोग आसपास के गांवों से अधिक दामों में सूखी लकड़ी लेकर शवों का अंतिम संस्कार करते हैं।
शनिवार को बाराकोट से अंतिम संस्कार के लिए लाए गए शव का दाह संस्कार करने में लोगों को साढ़े चार घंटे से भी अधिक समय लग गया।
रिंकू अधिकारी, केदार अधिकारी, दयाल सिंह अधिकारी, राजू अधिकारी, दीपक अधिकारी किशोर अधिकारी, श्याम अधिकारी, सोनू अधिकारी, सुमित अधिकारी, इंद्र सिंह अधिकारी, प्रकाश अधिकारी, चंद्र सिंह अधिकारी आदि का कहना है कि रामेश्वर टाल में कभी लकड़ी का अभाव रहता है तो कभी कच्ची लकड़ियां ही मिल पाती हैं।