चंपावत। जिले में लंबे समय से क्षतिग्रस्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को अंतिम किस्त के रूप में 69.50 लाख रुपये की धनराशि मिल चुकी है।
जिला योजना में विद्यालयों की मरम्मत के लिए 20 विद्यालयों का चयन किया गया था। इसमें से विभाग को पहली किस्त मिलने के बाद सभी विद्यालयों में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था लेकिन अंतिम किस्त नहीं मिलने से छत मरम्मत कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। क्षतिग्रस्त विद्यालयों का चयन कर अप्रैल 2018 में इस्टीमेट तैयार किए गए थे।
अब शिक्षा विभाग को अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, पेयजल, प्रयोगशाला कक्ष, छत मरम्मत कार्य के लिए 69.50 लाख की अंतिम किस्त मिल गई है। इसमें 14 विद्यालयों में छत मरम्मत, दो में कक्षा-कक्ष, तीन में पेयजल लाइन मरम्मत और एक विद्यालय में शौचालय निर्माण किया जाना है।
इन सभी विद्यालयों में अब जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लंबे समय से छतों की मरम्मत नहीं होने से बारिश के दौरान स्कूलों में छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इन विद्यालयों में किया जा रहा है मरम्मत कार्य
चंपावत। विभाग की ओर से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के घुरचम, कोट अमोड़ी, डांडा, सिमियाउरी, आमबाग, बुडहम, खटोली, कुलेठी, कलचौड़ा, गड्यूड़ा, गोलडांडा, जखोला, मऊ, पिल्खी, असलाड़, मल्लाढेक, ठॉठा, चौडला, गंगनौला, सिब्योली विद्यालयों में छत मरम्मत, कक्षा-कक्ष, पेयजल लाइन और शौचालयों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छत मरम्मत के लिए जिला योजना से अंतिम किस्त मिल गई है। जल्द से जल्द सभी विद्यालयों की छत मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षा अधिकारी, चंपावत।