लोहाघाट (चंपावत)। जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए शनिवार को आयोजित एक दिनी प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों के देर से पहुंचने पर आशा कार्यकर्त्ता भड़क गईं। उन्होंने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही अवकाश के दिनों में प्रशिक्षण न कराने की भी मांग की गई। प्रशिक्षकों के देर से पहुंचने के कारण प्रशिक्षण दो घंटे देर से शुरू हो पाया।
एक दिनी प्रशिक्षण के लिए विभिन्न स्थानों से आशा कार्यकर्ता शनिवार सुबह दस बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गयीं। प्रशिक्षण स्थल पर प्रशिक्षक को न देखकर वह भड़क उठी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक तो अवकाश के दिन प्रशिक्षण रखा गया है और दूसरे खुद प्रशिक्षक नदारद है। दूरदराज से आने वालीं कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें न तो प्रशिक्षण में आने का खर्च दिया जाता है और नहीं कार्यकर्ता के रूप में काम करने का मानदेय। वह सिर्फ प्रोत्साहन की राशि से ही मनोयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रही हैं। यह राशि भी लंबे समय से नहीं मिल सकी है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने, राजकीय अवकाश के दिन प्रशिक्षण और बैठक न रखने की मांग की।
विरोध जताने वालों में पदमा प्रथोली, रीना सिंह, रीता सिंह, पार्वती, लक्ष्मी जोशी, दीपा धौनी, कमला देवी, शीला देवी, मंजु देवी, सरस्वती देवी, गंगा देवी, ममता देवी आदि शामिल थीं। इधर प्रशिक्षक डॉ.कामिनी मेहरा का कहना था कि चंपावत में प्रभारी मंत्री रेखा आर्या के कार्यक्रम में मौजूद रहने के चलते प्रशिक्षण में देरी हुई।