उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने सरकार एवं निगम प्रबंधन पर वाह्यस्रोत और संविदा कर्मचारी हितों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियन ने 14 मार्च से क्रमिक और 20 मार्च से आमरण अनशन शुरू करने का एलान किया है।
कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश चंद्र भट्ट की अध्यक्षता में हुई यूनियन की बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। श्रम कानून को ताक में रख संविदा और वाह्यस्रोत कर्मचारियों को राष्ट्रीय अवकाश का लाभ तक नहीं दिया जा रहा है। यूनियन ने मांग उठाई कि संविदा और वाह्यस्रोत कर्मचारियों का मानदेय 1500 हजार रुपये किया जाए। इसके अलावा चालक-परिचालकों को दो रुपये प्रति किमी देने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अवशेष देयकों को भुगतान करने और निगम को 400 नई बसें उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
यूनियन ने एलान किया कि उनकी मांगों पर 13 मार्च तक अमल नहीं हुआ तो 14 मार्च से क्रमिक अनशन, 20 मार्च से आमरण अनशन और इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर बेमियादी चक्काजाम किया जाएगा। बैठक में सिराजुद्दीन, नीरज सिंह, शेर सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, रवि शर्मा, सुरेंद्र चिलवाल, परवीन जोशी, जमुना, पूरन सिंह, दरवान राम, जीवन आदि मौजूद थे।