चंपावत। जिले में धौन-बडोली-मझेड़ा सड़क निर्माण को लेकर लगातार विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को सड़क की मांग को लेकर बडोली के ग्रामीणों ने सीडीओ शैलेंद्र सिंह बिष्ट से मुलाकात की। उन्होंने मझेड़ा के ग्रामीणों पर पीएमजीएसवाई पर दवाब बनाकर टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने का आरोप लगाया। कहा कि मझेड़ा महज तीन चार परिवार ही निवास करते हैं, जो माइग्रेशन में बस्टियागूंठ में भी रहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क को लेकर बीते रविवार को मझेड़ा और बडोली के ग्रामीणों की बैठक में समझौता हुआ था और मझेड़ा के ग्रामीण और ग्राम प्रधान में माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दे दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब मझेड़ा के ग्रामीण पीएमजीएसवाई पर दबाब बनाकर टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बडोली गांव में डेढ़ सौ से अधिक परिवार निवास करते हैं, लेकिन गामीणों के पास चलते तक रास्ता नहीं है। खाद्यान्न सामग्री गांव तक पहुंचने के लिए भी खच्चरों को सहारा लेना पड़ता है। रमेश थ्वाल ने बताया कि मझेड़ा गांव एनएच से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। उसके बावजूद भी वहां के ग्रामीण जानबूझ कर बडोली सड़क निर्माण में अड़ंगा डाल रहे हैं। सीडीओ एसएस बिष्ट ने ग्रामीणों को विवाद को सुलझाने के लिए डीएम से वार्ता करने की बात कही।
सीडीओ से मिलने वालों में गुणानंद थ्वाल, प्रकाश थ्वाल, रमेश थ्वाल, हेम चंद्र, लक्ष्मी दत्त सक्टा, हीरा बल्लभ, राजेंद्र थ्वाल आदि ग्रामीण शामिल रहे। उधर, दूसरी ओर मझेड़ा के ग्रामीणों ने भी एसडीएम सीमा विश्वकर्मा से मुलाकात कर प्रस्तावित सड़क का निर्माण मझेड़ा तक किए जाने की मांग उठाई है।