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पूर्णागिरि मेला: तीसरे दिन कम हुई श्रद्घालुओं की आवक

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25 हजार भक्तों ने देवी मां के दर्शन किए
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टनकपुर (चंपावत)।
उत्तर भारत के सुविख्यात मां पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम लगातार बना हुआ है। दो दिनों तक भक्तों की भारी सैलाब उमड़ने के बाद सोमवार को तीसरे दिन भक्तों की आवक कम रही। मेला प्रशासन के मुताबिक 24 घंटे में करीब 25 हजार श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे। इधर बाहरी जनपदों से भी अब फोर्स पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था पटरी पर आने लगी है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने मेले की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ भैरव मंदिर तक दौरा की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बूम स्नानघाट में महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए दो और कमरे बनाने के साथ ही लोनिवि को ठुलीगाड़, हनुमान चट्टी के बीच क्षतिग्रस्त मार्ग को अविलंब दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक मेलों में से एक मां श्री पूर्णागिरि धाम का मेला हर साल होली के अगले दिन से शुरू होकर तीन माह तक चलता है। इस बार मेला 15 जून तक चलेगा। मेले के शुरुआती दो दिनों में जहां श्रद्धालुुओं का भारी सैलाब उमड़ा, वहीं तीसरे दिन सोमवार को देवी मां के दर्शन को आने वाले भक्तों की भीड़ कम रही। भीड़ कम रहने से श्रद्धालुओं को देवी मां के दर्शन करने में राहत मिली। उन्होंने आसानी से मां के दरबार में मत्था टेक पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच रविवार की शाम से बाहरी जिलों से भी ज्यादातर फोर्स पहुंच गया है, जिससे मेले की सुरक्षा व्यवस्था पटरी पर आने लगी है। सुरक्षा नोडल अधिकारी सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर से जिलों से काफी फोर्स पहुंच चुका है, अभी और फोर्स आना शेष है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम चन्याल ने बताया कि उन्होंने भैरव मंदिर तक दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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जिला पंचायत को बूम स्नानघाट में कपड़े बदलने के लिए दो और कमरे बनाने को कहा है। ठुलीगाड़-हनुमान चट्टी के बीच खराब मार्ग पर शीघ्र डामरीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मंदिर समिति को भी वाकी-टॉकी संचार सुविधा मिली
पूर्णागिरि मेले में संचार व्यवस्था के व्यापक इंतजाम हैं। मेले में तैनात सुरक्षा एजेंसियों के साथ मंदिर समिति ने भी अपने पदाधिकारियों को निजी वाकी-टॉकी देकर संचार व्यवस्था से लैस किया है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि समिति ने संचार मंत्रालय से अनुमति लेने के बाद निजी वाकी-टॉकी की व्यवस्था कर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए समिति पदाधिकारियों को संचार संपर्क से जोड़ा है। इसके लिए पांच वाकी-टॉकी, एक रिपीटर लगाकर मुख्य मंदिर, काली मंदिर, सिद्धमोड़, भैरव मंदिर क्षेत्र को जोड़ा गया है। जबकि एक वाकी-टॉकी से खुद समिति अध्यक्ष सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं।

स्नानघाट की ओर मोड़ी शारदा की धारा, राहत
प्रशासन ने शारदा नदी की धारा स्नानघाट की ओर मोड़कर श्रद्धालुओं की परेशानी दूर कर दी है। शारदा की धारा स्नानघाट से दूर खिसकने के कारण श्रद्धालुओं को स्नान के लिए न सिर्फ परेशानी से जूझना पड़ रहा था, बल्कि जान जोखिम भी डालकर वह स्नान करने को विवश थे। एसडीएम के निर्देश पर सोमवार को नदी की धारा को चैनलाइज कर स्नानघाट की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे अब श्रद्धालुओं को स्नान की परेशानी से राहत मिली है।
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खतरे से सचेत करने को पुलिस ने लगाए साइन बोर्ड
पूर्णागिरि मार्ग से लगे जंगल में विचरण कर रहे हाथियों के झुंड, अन्य वन्यजीवों के खतरे के साथ ही दुर्घटनाओं के प्रति सचेत करने को पुलिस ने एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल के निर्देश पर ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक कई जगह फ्लैक्स, साइन बोर्ड लगाकर यात्रियों को सचेत करना शुरू कर दिया है। पूर्णागिरि मार्ग में हाथियों के झुंड पिछले कुछ दिनों से प्यास बुझाने को शाम के वक्त सड़क पार कर आवाजाही कर रहे हैं, जिससे पूर्णागिरि मेले में आ रहे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि एसपी के निर्देश पर सड़क किनारे साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
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