एसएसबी ने भारत से नेपाल जा रहे नेपाली युवक के कब्जे से साढ़े तेरह लाख की नकदी पकड़ी है। एसएसबी ने पकड़ी गई रकम और युवक को खटीमा स्थित आयकर विभाग के सुपुर्द कर दिया।
शनिवार देर शाम एसएसबी 57 वीं वाहनी की ई कंपनी के जवान कमांडर आनंद सिंह भंडारी (निरीक्षक) के निर्देश पर बनबसा बीओपी पर सघन चेकिंग अभियान पर थे।
इसी दौरान एक नेपाली युवक बड़ा सा बैग लेकर भारत से नेपाल की ओर जा रहा था। एसएसबी जवानों ने उसे रोका तो उसने भागने का प्रयास किया लेकिन जवानों ने उसे दबोच लिया। तलाशी में जवानों को भारतीय करेंसी मिली। बैग में पांच सौ और दो हजार के भारतीय नोट भरे थे। एसएसबी जवानों ने युवक से पूछताछ की लेकिन वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया।
एसएसबी के कमांडर ने बताया कि बैग से कुल 1347650 रुपये बरामद हुए हैं। युवक ने यह रकम हरियाणा से दिल्ली होते हुए लाना बताया। युवक प्रेम चंद निवासी बिलौरी वार्ड संख्या 9 जिला कंचनपुर को नकदी के साथ खटीमा स्थित आयकर विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। एसएसबी कमांडर ने बताया कि युवक के पूछताछ में बताया कि वह गुरुग्राम में एक ढाबे पर काम करता है।
रकम उसके नेपाली साथी की है और वह उसे देने जा रहा था, लेकिन एसएसबी को उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ। पकड़ी की गई नकदी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। कस्टम अधीक्षक एक के सिन्हा ने बताया कि नियमानुसार भारत से नेपाल को केवल पच्चीस हजार की नकदी ही ले जाई जा सकती है, जिसके अभिलेख (प्रमाण) दिखाए जाने आवश्यक हैं।
कहीं नदी मार्ग से न पहुंचा हो एसएसबी चेकपोस्ट
बनबसा (चंपावत)। बड़ी रकम के साथ एसएसबी चेकपोस्ट में दबोचे गए नेपाली युवक के एसएसबी चेकपोस्ट पहुंचने के पीछे भी अंदेशा जताया जा रहा है। तस्कर भारत नेपाल की खुली सीमा पर जगह जगह चोर और खुफिया मार्ग के अलावा शारदा नदी में पानी के कम रहते नदी मार्ग से भी तस्करी को अंजाम देते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं नेपाली युवक करेंसी भरे बैग को लेकर नदी मार्ग से एसएसबी चेकपोस्ट न पहुंचा हो।
एक ढाबे में काम करने वाले नेपाली युवक के पास साढ़े तेरह लाख की नकदी कहां से आई यह सघन जांच का विषय है। किसी अन्य नेपाली द्वारा उसे अपने घर पहुंचाने को इतनी बड़ी रकम देना भी संदेह पैदा कर रहा है। नेपाली युवक के पास से पकड़ी गई रकम कहीं भारत से तो नहीं चुराई गई, इसका भी पता किया जा रहा है। नेपाली नागरिक के पास मिली रकम के संबंध में आयकर विभाग मामले की तह तक जाएगा।