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साइकिल से कार्यालय पहुंचे पुलिस अधीक्षक गुंज्याल

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चंपावत। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल शनिवार को विभागीय कार के बजाय साइकिल से अपने दफ्तर पहुंचे। आवास से कार्यालय तक की करीब चार किलोमीटर की दूरी को उन्होंने साइकिल से 17 मिनट में पूरा किया। जल्द ही वे कार्यालय के अपने मातहतों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। एसपी गुंज्याल का कहना है कि इको-फ्रेंडली सवारी साइकिल से कार्यालय आने की वजह विभागीय कर्मियों को फिटनेस का संदेश देने के अलावा ईंधन से होने वाले प्रदूषण में कमी लाना है।
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शनिवार को एसपी 9.40 बजे साइकिल से आवास से निकले और 9.57 बजे कार्यालय पहुंचे। बताया कि सप्ताह में एक दिन साइकिल से कार्यालय तक आने के लिए सरकारी कार्मिकों के अलावा अन्य लोगों को प्रेरित करेंगे। साथ ही भविष्य में खेल विभाग के साथ मिलकर साइकिल की प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।

वैसे करीब दो साल पूर्व जिला प्रशासन ने भी साइकिल को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए थे। मगर ये प्रयास आगे नहीं बढ़ सके थे। उतार-चढ़ाव की वजह से पहाड़ में साइकिल के लिए हालात आसान नहीं है, इसके बावजूद यहां किशोरों में इसे लेकर नई सोच पैदा हुई है।
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फोटो 27 सीपीटी 01पी

इको फ्रेंडली और परफैक्ट एक्सरसाइज भी
साइकिल चलाना संपूर्ण एक्सरसाइज है। इससे पांव से लेकर फेफड़ों तक का व्यायाम होता है। रोजाना 7 से 10 किलोमीटर तक साइकिलिंग करने से फिटनेस बेहतर रहती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि ईंधन की खपत में कमी के साथ ही साइकिल इको-फ्रेंडली सवारी भी है। आबादी वाले क्षेत्रों में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा में गिरावट के साथ पर्यावरण प्रदूषण के स्तर में कमी लाने में भी यह मददगार है।

31 मई को मनाया जाता है साइकिल दिवस
31 मई 1864 को साइकिल का आविष्कार हुआ था। फ्रांसिसी पैट्रिक मैकमिलन ने इसी दिन सबसे पहले लोगों के सामाने साइकिल को चलाकर दिखाया। अलबत्ता 1894 से साइकिलों का उत्पादन शुरू हुआ।
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