चंपावत के चाय बागान में नव वर्ष की पूर्व संध्या पर उल्लास मनाते सैलानी।
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चंपावत/लोहाघाट। नए साल की पूर्व संध्या, थर्टी फर्स्ट मनाने के लिए युवाओं में खासा जुनून दिखाई दिया। वक्त के बदलने के साथ ही साल की विदाई और नए वर्ष के अभिनंदन का ढंग भी बदल गया है। शहरों में रहने वाले लोग थर्टी फर्स्ट मनाने को लेकर जंगलों में डेरा जमाए रहे।
सोमवार को भीड़भाड़ वाले इलाकों के लोग दूरदराज के जंगलों में जश्न मनाते दिखे। सुबह से ही शराब के अलावा मीट मांस की दुकानों में लोगों की भारी भीड़ रही। भले ही कभी चंपावत जिला शराब विरोध के लिए उत्तराखंड में मशहूर रहा हो, मगर अब यहां शराब के शौकीनों की तादाद आकाश छूने लगी है। सोमवार को सामान्य दिनों की तुलना में करीब 25 प्रतिशत दारू की बिक्री ज्यादा हुई।
उधर लोहाघाट नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में हुड़दंगियों से निपटने के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। देवीधार, मायावती, एबटमाउंट, झूमाधुरी, भवल्टा, मेलकूना आदि स्थानों पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने जमकर महफिल का लुत्फ उठाया। किसी भी अप्रिय वारदात और हुड़दंग से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने पांच टीमों को जगह-जगह तैनात किया है। प्रभारी थानाध्यक्ष हेमंत कठैत, देवेंद्र सिंह मेहता सुबह से लेकर रातभर पुलिस कर्मियों के साथ गश्त में थे। इस दौरान किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय वारदात सामने नहीं आई।