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मर्म चिकित्सा पर टनकपुर में आयोजित हुई संगोष्ठी

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टनकपुर (चंपावत)। मर्म चिकित्सा पर शहर में चल रहे तीन दिनी शिविर के दूसरे दिन के शिविर के बाद इस पद्धति की विशेषताओं से स्थानीय प्रबुद्धजनों को परिचित कराने के लिए एक संगोष्ठी आयोजित की गई। मर्म चिकित्सा विशेषज्ञ प्रो.डॉ.सुनील कुमार जोशी ने सरल शब्दों में वर्तमान समय में इस पद्धति की अचूक उपयोगिता को उदाहरणों सहित समझाया।
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मुख्य अतिथि विधायक कैलाश गहतोड़ी ने खुद के अनुभवों को साझा करते हुए इस शिविर के आयोजकों की सराहना की। अमर उजाला फाउंडेशन, मृत्युंजय मिशन और आरोग्यम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ.सुनील जोशी ने मर्म चिकित्सा की बारीकियों को उजागर कर मानव शरीर के मर्म स्थानों की जानकारी दी। उन्होंने पुरातन उदाहरण देते हुए कहा कि मनुष्य के शरीर के मर्म स्थानों जैसे रावण की नाभि, भगवान श्रीकृष्ण के पैर पर तीर लगने से उनकी मृत्यु हुई। जीजस क्राइस्ट की हथेलियों और माथे जैसे मर्म स्थानों पर कील ठोके जाने से उनकी मौत हुई।

आधुनिक समय का उदाहरण देते हुए कहा कि सिडनी टेस्ट में क्रिकेटर फिलिप्स ह्यूज और रमन लांबा के सिर और कनपटी पर बॉल लगने से हुई मौत के पीछे भी मर्म स्थल ही था। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा पद्धति को मशीनों और बिजली के बिना अधूरी बताया और कहा कि मर्म चिकित्सा बिना किसी उपकरण के संभव है। मर्म चिकित्सा का जानकार अकेले ही इस चिकित्सा से रोग का निवारण करता है।
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इससे पूर्व कनाडा से आए ज्ञान प्रकाश, आरोग्यम फाउंडेशन के प्रधान सचिव डा. दिनेश पंत आदि ने भी विचार रखे। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि एनएचपीसी के महाप्रबंधक रईस मियां, टनकपुर पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय, राजू भंडारी, शिवराज सिंह कठायत, धर्मानंद पांडेय, राजीव आर्य, एसडीएम एके चन्याल, सीओ राजन सिंह रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा आदि मौजूद थे। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ.देवीदत्त जोशी ने की और संचालन डॉ.अतुल वार्ष्णेय का रहा।


स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया
संगोष्ठी में आयोजन समिति अमर उजाला फाउंडेशन, मृत्युंजय मिशन और आरोग्यम फाउंडेशन के अलावा लायंस क्लब, व्यापार मंडल ने संगोष्ठी में उपस्थित मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विशेष सहयोग देने वाले एनएसएस छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र के अलावा स्मृति चिन्ह दिए गए।
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