चंपावत। दो दिनी सतत विकास कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया। जिला प्रशासन और इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (आइसीएसडी) ने जिले के विकास का खाका खींचा। संयुक्त राष्ट्र संघ और नीति आयोग की ओर से निर्धारित विकास के 17 बिंदुओं पर चर्चा की गई। देश विदेश से आए विशेषज्ञों ने विजन 2030 के लिए महत्वपूर्ण विचार रखे।
कार्यक्रम के अंतिम दिन मल्लिकाुर्जन स्कूल के बच्चों को ड्रोन बनाने और उसके उपयोग की विस्तार से जानकारी दी गई। ट्रेनर विशाल भारद्वाज ने बताया कि भूस्खलन, गृह विज्ञान, फिल्म बनाने और दुर्घटना के वक्त ड्रोन का उपयोग बेहद कारगर साबित हो सकता है। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने छात्र-छात्राओं को नई सोच और नई खोज करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने छात्र-छात्राओं को आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स दिए।
इस मौके पर जिला विकास अधिकारी आरसी तिवारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बीएस जंगपांगी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एनबी बचखेती, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी सत्यानारायण, खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट मौजूद थे। इससे पूर्व विकास भवन सभागार में उड़ीसा से आए सुंदरम ने सौर ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके उपयोग से बिजली की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गोरलचौड़ मैदान में फैली गंदगी
चंपावत। सतत विकास कार्यक्रम तो संपन्न हो गया, लेकिन अपने पीछे गोरलचौड़ में गंदगी का अंबार भी छोड़ गया। दो दिनी सतत विकास कार्यक्रम के बाद गोरलचौड़ मैदान से शामियाना हटा लिया गया, लेकिन वहां फैली गंदगी को नहीं हटाया गया, जिस वजह से खिलाड़ियों और अन्य लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।