चंपावत। प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना (सौभाग्य) के तहत इस साल अप्रैल में देश के सभी गांवों को बिजली से जगमग करने का सरकार का दावा खोखला निकला। नेपाल सीमा के करीब पोथ ग्राम पंचायत के वन रावतों के गांव खिरद्वारी में 10 साल पहले बिजली का सेटअप लगा दिया गया था बावजूद इसके गांव में अब भी बिजली नहीं पहुंची है।
पिछड़े आदिम क्षेत्र के लोग न बल्ब को जानते हैं, न ट्यूब लाइट, न सीएफएल और नहीं एलईडी। यहां के लोग सूर्य की रोशनी के अलावा बस केरोसीन के दिए से वाकिफ हैं। 23 परिवार की 119 की आबादी वाले खिरद्वारी में खंभों के तार से लेकर ट्रांसफार्मर तक सब कुछ है लेकिन इन तारों में बिजली का करंट नहीं है। इसके चलते यहां के लोग बहुुत दिक्कतों में अपनी जिंदगी बसर कर रहे हैं। बिजली न होने के चलते प्राइमरी स्कूल में लगाए कंप्यूटर भी किसी काम के नहीं हैं।
ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी का कहना है कि बिजली न होने से बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं। गांव का विकास भी नहीं हो पा रहा है।
खिरद्वारी में कई साल पहले लगे बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर अब खराब हो चुके हैं। पांच साल पूर्व की आपदा से भी भारी नुकसान हुआ है। भौगोलिक दुरुहता और व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए यहां अब सौर ऊर्जा के जरिए उजाला किया जाएगा। इसका प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
-आरसी पंत, कनिष्ठ अभियंता, ऊर्जा निगम, चंपावत।