रीठा साहिब (चंपावत)।
लधिया घाटी के जंगल का एक हिस्सा आग की चपेट में है। कई गांवों के आसपास के वन क्षेत्र में आग फैली हुई है, मगर विभाग की ओर से इसे बुझाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। यहां तक कि विभागीय अधिकारी अपना का मोबाइल तक नहीं उठा रहे हैं। आग कैसे भड़की और आग से कितना नुकसान हुआ, इसका भी कोई पता नहीं चल पा रहा है।
फायर सीजन में जंगल की आग पर नियंत्रण के लिए जिले से लेकर ग्राम स्तर पर वनाग्नि समिति बनती है। वन विभाग की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन आग लगने पर अंकुश लगाने के लिए खुद विभागीय सक्रियता गायब थी। लधिया घाटी के परेवा, बिनवालगांव, गोलडांडा, चौड़ापित्ता के जंगल के कुछ हिस्सों में शनिवार शाम से आग लगी है। आग के चलते काफी दूर से धुंआ भी नजर आ रहा है। मगर चीड़ के जंगलों में लगी इस आग पर काबू पाने के लिए अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किया गया है यह भी पता नहीं चल सका है कि आग से कितना नुकसान हुआ है। भिंगराड़ा के वन क्षेत्राधिकारी रमेश जोशी का मोबाइल फोन नहीं उठने से आग बुझाने के लिए विभागीय स्तर पर किए गए प्रयासों की जानकारी नहीं लग सकी है।