बनबसा (चंपावत)। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। इसमें सुरक्षा एजेंसियों के अलावा कई विभागों को अधिकारियों को सीमा पर पूरी तरह चौकसी करने के निर्देश दिए। सीमा सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
शनिवार को एनएचपीसी के अतिथिगृह में डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में टनकपुर के बूम से बनबसा के मझगांव तक नेपाल से सटी करीब 45 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को लेकर मंथन किया गया।
बैठक में पुलिस, एसएसबी, सीआईएसएफ, कस्टम के अलावा खुफिया विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की। डीएम ने आंतरिक सुरक्षा के लिए सीमा की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने क्षेत्र के साथ ही सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ाने का सुझाव रखा। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा। बैठक में एसडीएम अनिल कुमार चन्याल, सीओ राजन सिंह रौतेला, एसएसबी के सहायक कमांडेंट प्रदीप सागर जोशी, एसएसबी धनुषपुल के सहायक कमांडेंट सोढा कलजी, टनकपुर के कोतवाल अरुण कुमार, सीआईएसएफ के इंस्पेक्टर राजेश यादव, एसएसबी बूम रेंज के कंपनी प्रभारी चंदन सिंह, बनबसा थानाध्यक्ष मनीष खत्री, एलआईयू प्रभारी भाष्कर बडोला, कस्टम अधीक्षक राज कुमार आदि थे।
बार-बार नेपाल आवागमन करने वालों पर रहेगी नजर
डीएम डॉ. अहमद इकबाल और एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने बनबसा में लोगों की बैठक लेकर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए उनके सुझाव मांगे। लोगों ने तांगों द्वारा अव्यवस्था फैलाने के अलावा यात्रियों से लूटपाट करने की शिकायत की। साथ ही बाहरी लोगों का सत्यापन करने, गश्त बढ़ाने की मांग की। डीएम ने पशुपालन, राजस्व और नगर पंचायत को तांगों की स्थिति का अध्ययन करने का निर्देश दिया। क्षेत्र में तांगे चलेंगे या नहीं यह उक्त कमेटी तय करेगी। सीमा पर लाइट और डिस्प्ले लगाकर उन पर जिले और क्षेत्र के अधिकारियों के नंबर अंकित करने के निर्देश दिए। एसपी ने सीमा पर यात्रियों के लिए जगह-जगह बैठने की व्यवस्था करने, बार-बार नेपाल आवागमन करने वालों की जांच करने के साथ उनका किसी रैकेट से जुड़े होने का पता करने और नेपाल सीमा पर सुझाव पेटिका लगाने को कहा है।