भगवती और महाकाली की निकली डोला रथ यात्राएं

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Haldwani Bureau

लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट में लड़ीधुरा महोत्सव का देवी रथों को मंदिर परिक्रमा कराने के साथ समापन हो गया है। बड़ी संख्या में लोगों ने देवी रथ यात्रा में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। दोपहर बाद काकड़ और बाराकोट से देवी रथों ने लड़ीधुरा मंदिर की ओर प्रस्थान किया। दुर्गम खड़ी चढ़ाई पार करते हुए काकड़ गांव से पहला देवी रथ दोपहर 2.35 बजे लड़ीधूरा मंदिर पहुंचा। जिसमें मॉ महाकाली के रूप में कल्याण सिंह अधिकारी सवार होकर श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दे रहे थे। 2.52 मिनट में बाराकोट से दूसरा देवीरथ लंबी कठिन दूरी पार कर लड़ीधुरा मंदिर पहुंचा। जिसमें मां भगवती के रूप में रंजीत सिंह अधिकारी, गुडडी देवी, कालिका के रूप में प्रताप सिंह सवार थे। दोनों ही रथों के पीछे महिलाएं मां के जयकारे लगाते हुए चल रही थी। देवी रथों द्वारा मंदिर की परिक्रमा करने के बाद छह दिवसीय लड़ीधुरा महोत्सव का समापन किया गया। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएचओ भूपेंद्र सिंह बृजवाल दलबल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। महोत्सव समिति के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी, राजू अधिकारी, जगदीश अधिकारी, लोकमान सिंह अधिकारी, दुर्गेश जोशी, रमेश जोशी, प्रकाश सिंह अधिकारी, डॉ.कृष्ण सिंह अधिकारी, रिंकू अधिकारी, मनोज वर्मा, रितेश वर्मा आदि ने आयोजन समिति की ओर से सभी का स्वागत किया। मां पूर्णागिरि की रथ यात्रा में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु लोहाघाट (चंपावत)। श्रीमां पूर्णागिरि महोत्सव के चौथे व अंतिम दिन खूना बोरा गांव से मां पूर्णागिरि की डोला रथ यात्रा निकली। डोला रथ यात्राओं के मंदिर की परिक्रमा करने के साथ ही महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। बुधवार की रात को देवी जागरण हुआ। इस दौरान देव डंगरियों ने अवतरित होकर लोगों के कष्टों का निवारण किया। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद दुर्गम रास्तों को पार करते हुए खूना बोरा गांव से मां पूर्णागिरि की रथ यात्रा निकली। जिसमें पूर्णागिरि के रूप में पार्वती देवी और महाकाली के रूप में हयात सिंह बोहरा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे। देवी रथ के पीछे महिलाएं मां का गुणगान कर चल रही थी। रथ यात्रा के मंदिर में विसर्जन होने के बाद महोत्सव का समापन किया गया। इस अवसर पर बलांई, मझेड़ा, नई बलांई, चौडाराजपुरा, खेतीगाड़, कफलेख, लोहाघाट, चंपावत आदि स्थानों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। आयोजन समिति के अध्यक्ष उमेद सिंह, नवीन बोहरा, कैलाश बोहरा, भय्यू बोहरा, मनोज कुमार, शिव तिवारी, पुष्कर बोहरा, निलाप मेहता, आनंद गिरि, हेमंत, ललित सिंह आदि ने सभी का स्वागत किया।
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