चंपावत। जिला योजना में जिला पंचायत का पहली बार खाता खुला है। मौजूदा वित्त वर्ष में जिला पंचायत को पांच करोड़ की राशि आवंटित की गई है। इस राशि का उपयोग पंचायत मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क और सीसी रोड के निर्माण में किया जाएगा।
चंपावत जिले की वित्त वर्ष 2017-18 की जिला योजना की राशि 40.97 करोड़ रुपए हैं। बीते वित्त वर्ष से ये राशि करीब 18 प्रतिशत कम है। इस धनराशि में से पांच करोड़ रुपये जिला पंचायत को आवंटित हुए हैं। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि जिला पंचायत को पहली बार जिला योजना की मद से रकम मिली है। जिला पंचायत इस मद से ग्रामीण क्षेत्रों की 42 सड़कों का निर्माण कराएगा। पिछले साल जारी हुए एक शासनादेश की वजह से जिला पंचायत को यह राशि मिली है।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नंदाबल्लभ बचखेती का कहना है कि पिछले साल हुए शासनादेश में जिला पंचायतों को जिला योजना से धन देने की व्यवस्था की गई है। पंचायत को ग्रामीण क्षेत्रों की एक से दो किमी तक की सड़क बनाने का अधिकार दिया गया है।
कल से भूख हड़ताल करेंगे जिला पंचायत सदस्य
चंपावत। भाजपा के जिला पंचायत सदस्य के सदस्य उमाशंकर भट्ट जिला योजना में उनके क्षेत्र की योजनाओं को शामिल नहीं करने से खिन्न हैं। विरोध में जिला नियोजन समिति की बैठक से बाहर होने के अलावा कलक्ट्रेट में 23 अगस्त को धरना दिया। अब जिला पंचायत सदस्य भट्ट का कहना है कि क्षेत्र की अनदेखी के चलते वे मंगलवार से भूख हड़ताल करेंगे। उनका कहना है कि पोथ जिला पंचायत क्षेत्र बेहद पिछड़ा है। बावजूद इसके जिला प्लान में पिछले तीन वर्षों से उनके क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को शामिल नहीं किया गया है। यहां तक कि पिछले साल स्वीकृत हुई योजनाओं की धनराशि भी आज तक आवंटित नहीं हुई है। उन्होंने क्षेत्र की जरूरत के मद्देनजर इस बार करीब 1.50 करोड़ रुपये की 10 योजनाओं को प्रस्तावित किया था। जिसमें कोट अमोड़ी, छतकोट, कांडाडोला, नायल, बजौन, ककनई, डांडा मल्ला आदि में स्कूल भवन, पेयजल लाइन, सड़क आदि के प्रस्ताव रखे। पर इन्हें शामिल नहीं किया गया।