चंपावत। वन्यजीव तस्करी और वन्य जंतुओं की संदिग्ध मौत के मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच दूसरे दिन रविवार को भी जारी रही। टीम ने इस मामले में जमानत पर छूटे कुछ आरोपियों से पूछताछ भी की। वन विभाग के कार्यालय में वन्य जंतुओं से संबंधित मामलों के दस्तावेजों की पड़ताल भी की। चंपावत वन प्रभाग में पांच सालों में वन्यजीव की खाल पकड़े जाने से लेकर तेंदुओं की संदिग्ध हालात में मौत के कुल 19 मामले हैं।
जिम कार्बेट और राजाजी पार्क में तेंदुए और बाघ की मौत को संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे। इसी तरह के मामलों की जांच के लिए उपाधीक्षक भरत सिंह भंडारी के नेतृत्व में शनिवार को यहां पहुंची सीबीआई की टीम ने वन विभाग के जरूरी रिकार्ड खंगालने के साथ कई अधिकारियों और कर्मियों से पूछताछ भी की। टीम इससे पूर्व अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ क्षेत्र की पड़ताल कर चुकी है।
चंपावत वन प्रभाग में पांच सालों में वन्यजीव के 19 मामले हैं। इसमें छह मामले तेंदुए की खाल पकड़े जाने के तथा 13 मामले तेंदुए की मौत के हैं। मौत के ज्यादातर मामलों को स्वाभाविक बताते हुए पत्रावली बंद कर दी गई थी। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इन पूरे मामलों में विभाग की मिलीभगत तो नहीं अथवा क्षेत्र में ऐसा कोई आरोपी तो नहीं, जिसके तार किसी बड़े गिरोह से हो? सीबीआई की टीम जांच कर रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी।