चंपावत। जिला मुख्यालय से होकर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाइपास निर्माण के लिए कवायद शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग डिवीजन की ओर से बाइपास निर्माण के लिए सर्वे करने के साथ ही नए सिरे से कार्ययोजना तैयार किए जाने से अधिकांश भवन स्वामियों को लाभ मिलेगा। इस मार्ग पर बाइपास बनने की दशा में शहर के करीब दो सौ से अधिक आवासीय मकानों के टूटने का खतरा टल जाएगा।
दरअसल बाइपास न बनने की दशा में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान शहर में करीब दो सौ से अधिक आवासीय भवनों के टूटने का खतरा पैदा हो गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और उसे ऑलवैदर रोड में बदलने के लिए छह माह पूर्व जारी गजट नोटिफिकेशन का छतार, मादली, त्यारकूड़ा, शांत बाजार, पुनेठी, पुलिस लाइन आदि स्थानों के नागरिकों ने विरोध जताया था। छतार और पुनेठी के लोगों ने तो बाकायदा लिखित आपत्ति दाखिल की थी। इसके बाद नेशनल हाईवे के अभियंताओं और प्रशासन के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर नागरिकों को बाईपास बनाने के लिए आश्वस्त किया था।
इस मामले में डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने एनएच के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बाइपास निर्माण का सर्वे किया। डीएम ने कार्यदायी संस्था को ऑलवैदर रोड के तहत प्रस्तावित बाइपास का नए सिरे से सर्वे कर आगणन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर कार्यदायी संस्था की ओर से फुलारागांव से तिलौन के बीच नए बाईपास का सर्वे शुरू कर दिया है। नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार बाईपास निर्माण में प्रयास किया जाएगा कि कम से कम निजी संपत्ति का नुकसान हो।