टनकपुर (चंपावत)।
उचौलीगोठ के 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र में खनन की सुगबुगाहट पर ग्रामीण विरोध को आगे आने लगे हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर खनन नहीं कराने की मांग उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली एवं थ्वालखेड़ा के ग्रामीण तहसील पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश त्रिपाठी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर में खनन से न सिर्फ उचौलीगोठ बल्कि चिलियाघोल, थ्वालखेड़ा, बसानीगोठ, नायकगोठ, हनुमानगढ़ी गांव की ओर भारी कटाव का खतरा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि खनन के विरोध में दो वर्ष पहले कांग्रेस शासनकाल में ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 50 दिन तक आंदोलन चलाया गया था, जिस पर सरकार को खनन बंद कराना पड़ा था। ज्ञापन देने वालों में भाजपा ग्रामीण मंडल उपाध्यक्ष गोविंद सिंह महर, गैंड़ाखाली की प्रधान कलावती देवी, थ्वालखेड़ा प्रधान सतीश पांडेय, राजेंद्र सिंह, रोहित श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह महर, रोहित सिंह महर, मीना महर, ककनई के ग्राम प्रधान मोहन सिंह आदि शामिल थे।
खनन नहीं होने दिया जाएगा
विधायक कैलाश गहतोड़ी का कहना है कि खनन से गांवों को खतरा है तो गांवों की सुरक्षा को ताख पर रखकर उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र से किसी सूरत में खनन नहीं होने दिया जाएगा। मामला शासन स्तर पर भी उठाना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे।