जूप की महिला मरीज नरी देवी का चंपावत जिला अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर।
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चंपावत। चंपावत जिले में आपात चिकित्सा 108 एंबुलेस की सेवा आईसीयू में है। चार दिन में दूसरी बार चंपावत मेें यह एंबुलेेंस नहीं मिल सकी है। जबकि 11 जुलाई को एंबलेंस नहीं मिलने से एक बुजुर्ग महिला की मौत भी हो चुकी है। सोमवार को हृदय रोग से पीड़ित एक महिला को हायर सेंटर भेजने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। बाद मेें मरीज को निजी वाहन में हल्द्वानी ले जाया गया।
सोमवार दोपहर अचानक तबियत बिगड़ने पर चंपावत के पास के गांव जूप की नरी देवी (45) पत्नी पान सिंह को जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. शहजाद खान ने बताया कि मधुमेह से पीड़ित इस मरीज के ईसीजी परीक्षण में दिल की नसें ब्लाक पाई गई। महिला को हल्द्वानी बेस अस्पताल रेफर किया गया। मरीज के तीमारदार और ईएमओ ने 108 सेवा के लिए कॉल की, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिल सकी। बाद में प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. जोशी ने 108 सेवा के जिला समन्वयक को फोन किया, तो उनका भी फोन रिसीव नहीं हो सका। बाद में परिजन नरी देवी को निजी वाहन से हल्द्वानी ले गए। जिला अस्पताल ने मरीज को नियमित रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराया।
कोट
एंबुलेंस के लिए 108 सेवा को कॉल आई थी, लेकिन एंबुलेंस में स्टेप्री नहीं होने से लंबी दूरी तक जाना जोखिम भरा था। इसलिए मरीज के तीमारदार को मना कर दिया गया। दो दिन के भीतर जिले को छह नए टायर मिल जाएंगे। जिसके बाद एंबुलेंस सेवा सुचारू हो जाएगी।
-भास्कर शर्मा, जिला समन्वयक,
108 सेवा, चंपावत।
108 नहीं मिलने से हुई मौत की जांच को टीम गठित
चंपावत। 11 जुलाई को 108 सेवा की एंबुलेंस नहीं मिलने से हुई एक महिला मरीज की मौत मामले की जांच के लिए प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच टीम के दो अन्य सदस्य अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. एचएस एरी और फिजीशियन डॉ. अजय कुमार होंगे। बता दें कि गिरने से चोटिल हुई डड़ा बिष्ट गांव की बुजुर्ग महिला पार्वती देवी को जिला अस्पताल से 11 जुलाई की रात को हल्द्वानी रेफर किया गया था। लेकिन 108 सेवा नहीं मिलने से चंद घंटों में महिला की मौत हो गई थी। अब इस मामले की जांच की जाएगी। ब्यूरो