चंपावत। धौन रोड से बड़ोली तक 6.55 किमी लंबी सड़क के समरेखन विवाद को लेकर उप जिला मजिस्ट्रेट सीमा विश्वकर्मा के नेतृत्व में जांच दल ने मौका मुआयना किया। टीम ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के साथ जमीनी हालात का जायजा लिया। जांच दल अगले हफ्ते तक जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपेगा।
धौन रोड से बड़ोली सड़क को मझेड़ा और ध्यान गांव होते हुए ले जाने की आवाज मझेड़ा के लोग लंबे समय से उठा रहे हैं। उनका कहना है कि मझेड़ा वन पंचायत के अलावा यहां के लोगों की जमीन सड़क में कट रही है, लेकिन सड़क का लाभ गांव को नहीं मिलेगा। वहीं कार्यदाई संस्था द्वारा कराए गए सर्वे में मझेड़ा होते हुए सड़क ले जाने में समरेखन की दिक्कत आ रही है। मझेड़ा होते हुए सड़क के निर्माण से भूकटाव के साथ इस क्षेत्र से गुजरने वाली बारहमासी सड़क पर भी असर पड़ने का अंदेशा है। दूसरी तरफ बड़ोली के लोगों की दलील थी कि समरेखन विवाद का सबसे अधिक नुकसान उन्हें भुगतना पड़ रहा है। लंबे संघर्ष के बाद उनके गांव तक रोड स्वीकृत हुई, लेकिन विवाद की वजह से काम आगे नहीं बढ़ सका।
जांच दल सभी पक्षों को सुनने के साथ जमीनी हालत से रूबरू हुआ। टीम में पीएमजीएसवाई चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता वैभव गुप्ता, लोनिवि लोहाघाट डिवीजन के ईई बीसी पंत, उप प्रभागीय वनाधिकारी एमएस सिमियां और भूगर्भशास्त्री लेखराज शामिल थे। डीएम एसएन पांडेय ने विवाद के मद्देनजर जांच के आदेश दिए थे।