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हड़ताल से तहसीलों में काम ठप, लोग परेशान

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समान कार्य के लिए समान वेतन व समान संसाधन देने समेत चार सूत्री मांगों को लेकर राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक और राजस्व सेवक एक सप्ताह से हड़ताल पर हैं, जिससे तहसीलों से लेकर पटवारी चौकियों में कामकाज बंद पड़ा है। लोग जरूरी काम को लेकर तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ रहा है।
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हड़ताल से हैसियत, जाति, चरित्र और मूल निवास प्रमाणपत्र बनाने का काम बंद है। इसके अलावा भू-अभिलेख और भू-सर्वेक्षण का काम भी ठप है। साथ ही पटवारी क्षेत्रों की कानून व्यवस्था पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग हर दिन तहसील आकर बिना काम कराए लौट रहे हैं। राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और राजस्व सेवक हर दिन तहसील परिसर में धरने पर बैठ रहे हैं। तहसील पोखरी में धरने पर बैठने वालों में विजयपाल गुसाईं, विजय कुमार, शांति प्रसाद डिमरी, देवेंद्र मनवाल, मनोज बत्र्वाल, राजेश गोरखा, यशवंत सिंह, कंचन सिंह आदि शामिल रहे।
वहीं कर्णप्रयाग में भी पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल जारी है। बुधवार को धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान देवेंद्र कंडारी, विजेंद्र गुसाईं, हरीश पोखरियाल, नीरज पुरोहित, अशीष बिष्ट, पुष्कर नेगी, विक्रम असवाल और जगदीश औलिया मौजूद थे। संवाद
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