पिछले एक माह से चल रही उत्तराखंड रजिस्ट्रार कानूनगो संघ की हड़ताल से तहसीलों में कामकाज ठप पड़ा है। जोशीमठ, दशोली, पोखरी, घाट, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, थराली, देवाल, नारायणबगड़ क्षेत्रों में लोग भूमि संबंधी कागजात के अलावा आय, जाति, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, खाता-खतौनी के लिए भटक रहे हैं। लोगों का कहना है कि रजिस्ट्रार कानूनगो की हड़ताल से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक नवंबर से भूलेख अधिकारी के पदों पर पदोेन्नित का न्यायसंगत कोटा निर्धारित करने, आरके के पदों का पुनर्गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर रजिस्ट्रार कानूनगो की हड़ताल चल रही है। रजिस्ट्रार कानूनगो संघ के जिलाध्यक्ष राकेश देवली, प्रवक्ता दलवीर सिंह नेगी, दीपेंद्र पंवार, नरेंद्र सिंह रावत, अशोक नौटियाल, मोहन रावत, राकेश पल्लव और अनसूया प्रसाद का कहना है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो जाती काम पर नहीं लौटेंगे। इधर, हड़ताल से तहसीलों का कार्य प्रभावित हो रहा है। आगामी दिनों में सेना भर्ती शुरू हो जाएगी, जिसके लिए युवा इन दिनों आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और स्थायी निवास प्रमाणपत्र के लिए तहसीलों में पहुंच रहे हैं। घाट के पंकज बिष्ट, ललित मोहन और राकेश कुमार का कहना है कि उन्हें जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए खाता-खतौनी की जरूरत है, लेकिन तहसील में खतौनी की नकल नहीं मिल पा रही है। दयाराम और कमल सिंह का कहना है कि बैंक ऋण के लिए उन्होंने एक माह पूर्व आवेदन किया था, लेकिन बिना खतौनी की नकल के बैंक ऋण का भुगतान नहीं कर रहा है, जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान संगठन के जिला महामंत्री पुष्कर सिंह राणा और ग्राम प्रधान संदीप का कहना है कि तहसीलों में हड़ताल से ग्रामीणों के भूमि संबंधी कार्य रुक गए हैं। युवाओं के विभिन्न प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से शीघ्र मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई।