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देवतोली में कालेश्वर लिफ्ट पंपिंग योजना से होगी पानी की सप्लाई

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नगरपालिका क्षेत्र कर्णप्रयाग के देवतोली क्षेत्र के करीब तीन हजार लोगों को अब गर्मियों में पीने के पानी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। जल संस्थान की ओर से देवतोली व उसके आसपास के क्षेत्र को कालेश्वर लिफ्ट पंपिंग योजना से जोड़ने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए देवतोली तक जल संस्थान की ओर से लोहे के पाइप भी बिछा दिए गए हैं। ट्रायल के लिए लाइन पर पानी भी चलाया गया, जो सफल हुआ है।
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देवतोली में पीजी कॉलेज सहित अन्य सरकारी संस्थानों के अलावा काफी संख्या में लोग रहते हैं। यहां के लोगों को वर्तमान में चट्वापीपल से बनी पेयजल योजना से पीने के पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन बरसात में चट्वापीपल की योजना क्षतिग्रस्त होने और गर्मियों में गदेरे का पानी सूखने से देवतोली के लोगों को चार महीने तक पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। कई बार लोग अलकनंदा नदी से पानी लाकर पीते हैं। देवतोली के भारत भूषण पुरोहित ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से यहां के लोग कालेश्वर में बनी पंपिंग योजना से अपने क्षेत्र को जोड़ने अथवा अलकनंदा नदी में लिफ्ट योजना बनाकर पानी की सप्लाई की मांग कर रहे थे। अब लोगों की समस्या को देखते हुए और देवतोली में जनसंख्या घनत्व बढ़ने की संभावना को देखते हुए जल संस्थान ने कालेश्वर पंपिंग योजना से यहां पानी पहुंचाने का निर्णय लिया है।
जल संस्थान की ओर से देवतोली में आने वाले 10 वर्षों में होने वाले विकास को देखते हुए पेयजल योजना पर काम किया जा रहा है। कालेश्वर पंपिंग योजना से जोड़ने के लिए वहां पाइप बिछा दिए गए हैं। ट्रायल के लिए लाइन पर पानी भी चलाया गया, जो सफल हुआ है। अभी टैंक बनना है उसके बाद जल्द ही नियमित रूप से लाइन जोड़ दी जाएगी। - मनमोहन सिंह राणा, जेई जल संस्थान कर्णप्रयाग।
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सेमी गांव में पेयजल संकट बरकरार
कर्णप्रयाग। पालिका क्षेत्र के सेमी गांव के लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। जेपी सेमवाल, बीरेंद्र प्रसाद, रमेश चंद्र, रघुवरदत्त व जानकी प्रसाद ने कहा कि सेमी गांव के लिए उढ़ामांडा के पास बेरगोंडा से पेयजल लाइन आती है। इस योजना से पैंणी, कुजासू, सरमोला, कुमेड़ा, खाल गांवों को भी पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन सेमी गांव आने तक लाइन में पानी काफी कम हो जाता है और ग्रामीणों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता। उन्होंने जल्द पेयजल समस्या के समाधान करने की मांग उठाई है। संवाद
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