वर्ष 2011 में मिली थी पेयजल योजना को स्वीकृति, वन भूमि हस्तांतरण पर रुकी थी योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर में आखिरकार 13 साल बाद पानी पहुंच गया है। अब मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। जल निगम की ओर से मंदिर परिसर से नारदकुंड़ तक पेयजल लाइन शुरू कर दी गई है।
वर्ष 2011 में रुद्रनाथ पेयजल योजना को स्वीकृति मिली थी। इसके लिए शासन से जल निगम को 33 लाख की धनराशि मिली लेकिन केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के सेंचुरी एरिया में होने के कारण योजना का काम शुरू नहीं हो पाया। मंदिर में रुद्रनाथ के अभिषेक के लिए भी आचार्यगणों को एक किमी दूर से पानी लाना पड़ता था। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार के वन मंत्रालय की ओर से रुद्रनाथ पेयजल योजना के निर्माण को हरी झंडी मिली। तब जल निगम के तत्कालीन ईई वीके जैन के नेतृत्व में रुद्रनाथ मंदिर तक पेयजल योजना का काम शुरू किया गया। विषम भौगोलिक परिस्थितियों में दो साल में पेयजल योजना का काम पूरा हो गया। पुजारी आचार्य वेदप्रकाश भट्ट और सामाजिक कार्यकर्ता सत्येंद्र सिंह रावत ने कहा कि रुद्रनाथ में लंबे समय से चल रही पेयजल की समस्या अब दूर हो गई है। अब यहां पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है।