शासन-प्रशासन के विरोध में की नारेबाजी
कहा-आश्वासन के एक वर्ष बाद भी नहीं हुआ भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चमोली एसटीपी करंट हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 16 लोगों के परिजनों ने रोजगार, उचित मुआवजा और मृतक कर्मचारियों के जीपीएफ भुगतान की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इससे पहले पीड़ित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी भी की। निर्णय लिया गया कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
बीते वर्ष 19 जुलाई को हुए एटीपी करंट हादसे के बाद शासन-प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों के सदस्यों को रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन एक वर्ष बाद भी उन्हें रोजगार मिला न मृतक कर्मचारियों के जीपीएफ का भुगतान हुआ। सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे पीड़ित परिवारों ने हाथ में नारे लिखी तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, कांग्रेस नगर अध्यक्ष योगेंद्र बिष्ट और उपाध्यक्ष आनंद सिंह पंंवार ने पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा और एसटीपी में कार्यरत रहे कर्मचारियों को जीपीएफ का लाभ देने, परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग उठाई। इस मौके पर हरमनी की ग्राम प्रधान सुनीता देवी, अनिल प्रकाश, अर्जुन कुमार, सुशील, पवन, जयदीप, महेंद्र, धीरज, महेश, नीता, पवित्रा, ममता और वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।