कर्णप्रयाग। सिमली में संचालित महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल का दर्जा देने और संचालन की मांग को लेकर सिमली के व्यापारियों ने पोस्टर अभियान चलाया। इसके लिए सिमली के सभी व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानों के आगे ‘मेरी मांग बेस अस्पताल सिमली’ लिखे बैनर लगाए हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मिंगवाल, महामंत्री हेमंत टकोला आदि ने कहा कि सिमली में अस्पताल भवन बना है, डॉक्टरों और कर्मियों के आवास बने हैं और अब भी बन रहे हैं। मगर यहां उपचार नहीं होता।
वहीं सिमली महिला बेस अस्पताल का संचालन नहीं होने पर लोक गायक लब्बू परदेशी का गाया लोक गीत मां बैणि त इलाज नि, निजीकरण की मार पडि सरकारी में इलाज नि... इन दिनों लोगों की जुबान पर है। इस गीत में नेताओं की ओर से पहाड़ के विकास की अनदेखी और सिमली में करोड़ों की लागत से बने महिला बेस अस्पताल में उपचार नहीं मिलने के दर्द को बयां किया गया है। संवाद