खचड़ा नाले में बदरीनाथ हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है। यहां बृहस्पतिवार को बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार सुबह करीब छह बजे खुला तो गोविंदघाट और पांडुकेश्वर से करीब 1000 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम भेजा गया, जबकि बदरीनाथ धाम में रोके गए 1300 तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इसके बाद शाम को फिर हाईवे दो घंटे बंद रहा।
बदरीनाथ हाईवे खचड़ा नाले में शुक्रवार को दिनभर खुलता बंद होता रहा। बृहस्पतिवार को बंद हुआ हाईवे शुक्रवार सुबह छह बजे खुला तो शाम करीब साढ़े चार बजे दोबारा खचड़ा नाले में बोल्डर और मलबा आने से यहां वाहनों की आवाजाही थम गई। इस दौरान करीब 500 यात्री यहीं फंस गए। हाईवे खोलने के लिए बीआरओ ने जेसीबी लगाई और शाम साढे़ छह बजे हाईवे खोल दिया गया।
चमोली जिले में 12 सड़कें अभी भी बंद
गोपेश्वर। चमोली जिले में भारी बारिश के बाद मलबा आने से अभी भी 12 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। बारिश से जिले में 66 सड़कें बंद हो गई थीं, जिनमें से 54 सड़कें खोल दी गई हैं, हालांकि जगह-जगह मलबा होने के कारण छोटे वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है।
वहीं अपर चमोली-खैनुरी, नंदप्रयाग-नंदानगर-सुतोल-कनोल, नंदानगर-बूरा, जिलासू-आली, हापला-कलसिर मोटर मार्गों पर कई जगह मलबा आने के कारण अभी सड़कों के खुलने के आसार नहीं हैं, जिससे ग्रामीणों को गंतव्य तक जाने के लिए पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सभी सड़कों को खोल दिया जाएगा। संवाद
गैरसैंण और थराली में हुई सर्वाधिक बारिश
गोपेश्वर। चमोली जनपद में गैरसैंण और थराली में सर्वाधिक बारिश रिकार्ड की गई। यहां 12-12 मिमी बारिश हुई है। चमोली में 4.6, जोशीमठ में 1.60, कर्णप्रयाग में 11, पोखरी में नौ और नंदानगर में आठ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जनपद में प्रमुख नदियां अलकनंदा, पिंडर और नंदाकिनी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। संवाद