वर्ष 2017 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को भी नंदा गौरा योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए बालिकाओं को जरूरी कागजात सात दिसंबर तक बाल विकास परियोजना कार्यालय में जमा करने होंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में योजना शुरू होने वाले वर्ष में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बालिकाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। अब सरकार ने जनपद की छूटी 1585 बालिकाओं को योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थी 36 हजार वार्षिक और नगरीय क्षेत्रों में 42 हजार वार्षिक आय का प्रमाणपत्र, एसडीएम द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति, बालिका व माता-पिता का आधार नंबर, पैनकार्ड नंबर या पैनकार्ड आवेदन की रसीद, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, 12वीं कक्षा का उर्त्तीण प्रमाण पत्र, अंक तालिका, जन्मतिथि प्रमाणपत्र, हाईस्कूल प्रमाणपत्र, राशनकार्ड की छाया प्रति, स्नातक या डिप्लोमा प्रमाणपत्र, विवाह संबंधी प्रमाणपत्र एवं ग्राम प्रधान पंचायत का प्रमाणपत्र सात दिसंबर तक बाल विकास परियोजना कार्यालय में जमा करवाना आवश्यक है। लाभार्थी बालिका को शादी होने पर भी 21 हजार की धनराशि दी जाएगी।