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Chamoli News: लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे का दस मीटर हिस्सा बहा, 700 तीर्थयात्री जगह-जगह फंसे

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भारी बारिश के कारण लामबगड़ नाले के उफान पर आने से बदरीनाथ हाईवे का करीब 10 मीटर हिस्सा बह गया। ऐसे में बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे और यात्रा कर लौट रहे करीब 700 तीर्थयात्रियों को दोपहर एक बजे जगह-जगह रोक दिया गया। सूचना पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की जेसीबी मौके पर पहुंची लेकिन लगातार बारिश के कारण दोपहर दो बजे तक भी हाईवे खोलने का काम शुरू नहीं हो पाया। नाले का जलस्तर कम होने पर ही यहां आवाजाही शुरू हो पाएगी।
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इन दिनों रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है। बुधवार को दोपहर एक बजे बारिश के दौरान लामबगड़ नाला उफान पर आ गया और हाईवे का करीब दस मीटर हिस्सा बह गया। हाईवे बंद होने पर पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ धाम, लामबगड़ और पांडुकेश्वर में ही यात्रा व स्थानीय लोगों के वाहनों को रोक दिया। यहां करीब 700 तीर्थयात्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण हाईवे खोलने में भी दिक्कतें आ रही हैं। लामबगड़ के पुलिस चौकी इंचार्ज एस जुयाल ने बताया कि मौसम सामान्य होने और हाईवे के पूरी तरह से सुचारु होने के बाद ही वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई जाएगी। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि लामबगड़ में हाईवे के बीचोंबीच नाला बहता है। हल्की बारिश होने पर भी नाला उफान पर आ रहा है। जल्द से जल्द हाईवे खोलने के प्रयास जारी हैं।





छाेटे वाहनों के लिए खुला रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे
खुमेरा-देवीधार में भू-धंसाव से 40 मीटर ध्वस्त हुए रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे को छोटे वाहनों के लिए बुधवार शाम 6 बजे खोल दिया गया। हालांकि बरसाती नाले के कारण यहां कीचड़ फैली है जिस कारण छोटे वाहनों के संचालन में दिक्कतें हो रही है। वहीं, राहगीरों को हाथ पकड़कर रास्ता पार कराया जा रहा है। अभी दोनों तरफ सुरक्षा जवानों की मौजूदगी में छोटे वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। बृहस्पतिवार तक हाईवे पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।
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सोमवार देर शाम को भू-धंसाव के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे का 40 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया था। तब से एनएच व कार्यदायी संस्था हाईवे खोलने में जुटी थी। बुधवार को तड़के 5 बजे से ही एनएच व कार्यदायी संस्था ने प्रभावित क्षेत्र में मशीनों से पहाड़ी कटिंग का काम शुरू किया और लगभग चार मीटर तक कटिंग कर दी गई। साथ ही बरसाती नाले से बहते पानी की निकासी के लिए अस्थायी इंतजाम किए गए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पहाड़ी कटिंग कर रास्ता बनाकर बुधवार शाम छह बजे हाईवे को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। हाईवे खुलने के बाद केदारनाथ जाने व दर्शन कर लौटने वाले यात्रियों के छोटे वाहनों को भेजा गया। साथ ही बीते मंगलवार से गुप्तकाशी व अन्य स्थानों पर फंसे फाटा, सोनप्रयाग, गौरीकुंड के वाहन भी अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। बताया कि भू-धंसाव के कारण प्रभावित हिस्से में संवेदनशील बनी है।



भू-धंसाव से गिरा मकान

खनसर घाटी में देवपुरी के लाटीखर्क निवासी अमरसिंह कंडारी का दो मंजिला मकान भू-धंसाव के कारण गिर गया। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र कंडारी ने कहा कि प्रभावित का परिवार अभी अपने चाचा के घर में शरण लिए हुए हैं। उन्होंने एसडीएम गैरसैंण को बताया कि पीएमजीएसवाई के तहत गाजियाबाद-पत्थरकटा सड़क के निर्माण के कारण मकान ध्वस्त हुआ है। उन्होंने मुआवजे की मांग की। वहीं पीएमजीएसवाई के एई पीएस भंडारी ने कहा कि प्रभावित का मकान निर्माणाधीन मार्ग से कुछ दूर पहाड़ी की ओर है। प्रभावित को अन्य स्थान पर रहने की सलाह दी है।
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