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युवती को अपहरण कर ले जा रहे सात ग्रामीणों को तहसील टीम ने किया गिरफ्तार, एक फरार

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युवती का अपहरण कर शादी कराने ले जा रहे सात लोगों को नंदानगर तहसील की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, एक आरोपी फरार हो गया। बाद उन्हें पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है। आरोपियों में 60 साल का शख्स भी शामिल है।
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नंदानगर के एक गांव निवासी 21 वर्षीय युवती सोमवार देर शाम अपनी छानी से घर जा रही थी। तभी मौके पर कुछ ग्रामीण उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने लगे। आरोपी युवती को लेकर जंगल के रास्ते सड़क तक पहुंचे। रात करीब 11 बजे ग्राम प्रधान और युवती के भाई ने तहसील प्रशासन को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलने पर तहसीलदार राकेश देवली टीम के साथ देर रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने गैरी गांव के एक व्यक्ति को फोन कर सड़क के बीचों बीच अपने वाहन को खड़ा कर अपहरणकर्ताओं के वाहन को रोकने के लिए कहा। रात करीब दो बजे अपहरणकर्ताओं के वाहन को ग्रामीणों और तहसील टीम ने गैरी गांव में घेर लिया और युवती को मुक्त करा लिया।
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तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि मामले में देव सिंह पुत्र नारायण सिंह, उमराव सिंह पुत्र धर्म सिंह, राकेश सिंह पुत्र धर्म सिंह, देवेंद्र सिंह पुत्र धर्म सिंह सभी निवासी ग्राम कनोल, दौलत सिंह (60) पुत्र मदन सिंह, सुरेंद्र सिंह पुत्र दौलत सिंह, नारायण सिंह पुत्र खिलाफ सिंह निवासी ग्राम गैरी को हिरासत में लिया गया। राहुल सिंह पुत्र अमर सिंह मौका पाकर फरार हो गया। नारायण सिंह के बुलेरो वाहन को भी सीज कर दिया गया है। मंगलवार को सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण, छेड़छाड़ व आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। सभी को पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है।
कार्य बहिष्कार बना चुनौती
करीब एक वर्ष से विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों की ओर से पुलिस कार्यों का बहिष्कार किया जा रहा है। इससे तहसील प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में आपराधिक मामलों को निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 25 अप्रैल को नंदानगर तहसील के अंतर्गत हुए युवती के अपहरण के मामले में तहसील टीम बिना हथियार व फोर्स के मौके पर पहुंच गई थी। ऐसे में अपहरणकर्ता टीम पर हमला भी कर सकते थे। इधर, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना का कहना है कि अधिकांश मामले रेगुलर पुलिस को सौंपे जा रहे हैं। राजस्व कर्मियों की मांगों से शासन को अवगत कराया गया है।
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