घाट ब्लाक के सबसे दूरस्थ कनोल गांव में सात दिनों तक स्यलबती मेले की धूम रहेगी। इस दौरान महिलाएं जागर और सामूहिक नृत्य कर आराध्य देवी मां नंदा का आह्वान करेंगी। इसके बाद आठ सितंबर से गांव के पंचायत चौक में मेला शुरू होगा जो एक सप्ताह तक चलेगा। कनोल गांव के राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मेले में विभिन्न गांवों से देवताओं के निशाण कनोल गांव पहुंचते हैं। इसके बाद भूमियाल, मां भगवती, गोरील और लाटू देवता अपने पश्वा पर अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। मेले में विभिन्न गांवों की ध्याणियां (विवाहित बेटियां) भी माता के दर्शनों के लिए पहुंचती हैं। इस पौराणिक धार्मिक मेले में शामिल होने के लिए प्रवासी भी घरों में पहुंचने लगे हैं।
राजराजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेला नौ से
देवाल। दो दिवसीय राजराजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेले का शुभारंभ नौ सितंबर से होगा। मेले में महिला मंगल दल, शिक्षण संस्थान व प्रदेश के कला मंच सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। मेला समिति के अध्यक्ष महाबीर बिष्ट ने कहा कि मां नंदा की डोली व लोकजात यात्रा के स्वागत में हर साल ल्वाणी पिलखड़ा में दो दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेला का आयोजन होता है। मेले का समापन 10 सितंबर को होगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से मेले में पहुंचने की अपील की।